राजगढ़ (धार)। श्रमणसंघ निर्माण के मुख्य सुत्रधार महामहिम पुज्यपाद गुरुदेव मालव केसरी श्री सौभाग्यमलजी म.सा का 41वाँ पुण्यस्मृति दिवस स्थानीय श्री संघ मे जप तप त्याग आदि विभिन्न धर्म आराधना के साथ मनाया जायेगा,गुरु सौभाग्य प्रकाश भक्त मंडल के प्रांतीय सदस्य हेमंत वागरेचा ने बताया की मालव केसरी श्री सौभाग्यमलजी म.सा का 41वाँ पुण्यस्मृति दिवस 19 जुलाई शनिवार को स्थानीय श्री संघ मे जप-तप-त्याग,गुणानुवाद सभा आदि विभिन्न धर्म आराधना के साथ मनाया जायेगा,गुणानुवाद सभा मे श्री संघ के अनेक वक्ता गुरुदेव के प्रति अपने भाव व्यक्त करेगे,पुण्यस्मृति दिवस पर सामुहिक जाप,दयाव्रत(5 सामायिक) एवं अन्य धार्मिक आयोजन होगे,दयाव्रत करने वाले सभी भाई बहन के भोजन की व्यवस्था का लाभ विरेन्द्र कुमार केशरचंद वागरेचा परिवार के द्वारा लिया गया है,इस अवसर पर अनेक श्रावक श्राविका द्वारा एकासन,आयम्बिल,उपवास आदि अनेक तप आराधना की जायेगी,साथ ही आगामी वर्ष 2026 के पुण्यतिथि दिवस का लाभ भी श्री संघ के द्वारा विरेन्द्र कुमार केशरचंद वागरेचा परिवार को प्रदान किया गया,श्री संघ के कार्यकारिणी सदस्य पिन्टु वागरेचा ने बताया की मालव केसरी श्री सौभाग्यमलजी म.सा उस समय के ऎसे पहले जैन संत थे,जिन्होंने प्रथम बार दक्षिण प्रांत का विचरण कर जैन संतो के लिए दक्षिण प्रांत की ओर विहार का मार्ग प्रशस्त किया,पूज्य मालव केसरी गुरुदेव श्री की अंतिम यात्रा(22-7-1984)मे सम्मिलित होने के लिए देशभर से 50000 हजार से अधिक श्रद्वालु गुरु भक्त रतलाम शहर पहुंचे थे,जो प्रथम बार किसी जैन संत की अंतिम यात्रा मे उमड़ा जन सैलाब था,पुण्यतिथि दिवस का मुख्य समारोह रतलाम शहर में सागोद रोड़ स्थित गुरु सौभाग्य तीर्थ समाधि परिसर स्थल एवं प्रवर्तक श्री प्रकाशमुनिजी म.सा निर्भय आदि साधु साध्वी भगवंत की निश्रा मे पिंपलगाँव बसंत(नासिक महाराष्ट्र) मे मनाया जायेगा,मुख्य समारोह में शामिल होने के लिए स्थानीय श्री संघ का प्रतिनिधि मंडल रतलाम शहर जायेगा,इस अवसर पर देशभर के अनेक प्रांत से हजारों गुरु भक्त समाधि तीर्थ स्थल पर पहुंच कर गुरुदेव को अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करेगे!


