BREAKING NEWS
latest
TIMES OF MALWA
DIGITAL SERVICES
PR • MEDIA PROMOTION • SEO • NEWS COVERAGE • CGI ADS • SOCIAL MEDIA
TIMES OF MALWA
PR • SEO • CGI ADS • NEWS PROMOTION
VISIT NOW

श्रीमद् विजय राजेंद्रसुरीश्वरजी म.सा. की 196 वी जन्म जयंती एवं 116 वी पुण्य तिथि निमिते पर्यावरण संरक्षण के लिए मेगा वृक्षारोपण, राजस्थान पत्रिका एवं गुरुदेव मेडिकल फाउंडेशन द्वारा पोस्टर का विमोचन श्री मोहनखेड़ा महातीर्थ (मध्यप्रदेश) में किया गया




   राजगढ़(धार)। आज शुक्रवार को विश्‍व पूज्य प्रात: स्मरणीय प्रभु श्रीमद् विजय राजेंद्रसुरीश्वरजी म.सा. की 196 वी जन्म जयंती एवं 116 वी पुण्य तिथि निमिते पर्यावरण संरक्षण के लिए मेगा वृक्षारोपण, राजस्थान पत्रिका एवं गुरुदेव मेडिकल फाउंडेशन द्वारा पोस्टर का विमोचन श्री मोहनखेड़ा महा तीर्थ (मध्यप्रदेश) में किया गया। श्री मान मेगराजजी भूतपूर्व सांसद, सुजानमलजी सेठ मोहनखेड़ा ट्रस्टी, मांगीलालजी रामाणी मोहनखेड़ा ट्रस्टी, अर्जुन मेहताजी, के सी जैन, फतेराज जैन, राहुल इनके हाथो विमोचन हुआ एवं मोहनखेड़ा महा तीर्थ परिसर मैं वृक्ष रोपे गए। यह अभियान करीबन एक महीने तक चलाया जाएगा। इस मौके पर गुरुदेव मेडिकल फाउंडेशन के संथापक फतेराज जैन ने कहा पेड़ पौधे ऑक्सीजन का उत्सर्जन करते हैं अगर हमें पर्याप्त ऑक्सीजन मिल जाए तो कई रोग ठीक हो सकते हैं।  प्राकृतिक आपदाओं को टालने, ज्यादा बरसात लाने, शुद्ध हवा और पानी की जरूरत को पूरा पेड़ों द्वारा होता है। पेड़ पौधो का भी अपना परिवार है। इनकी रक्षा करना हमारा दायित्व है, भोजन पानी के बिना हम कुछ दिन रह सकते हैं लेकिन ऑक्सीजन के बिना एक पल नहीं रह सकते आए दिन पेड़ कटने से बरसात का संतुलन गड़बड़ा रहा है क्योंकि बादल हमेशा पेड़ों से ही धरती की और आकर्षित होते हैं और बारिश करते हैं ऐसे में धरती पर पेड़ लगाना जरूरी है। हमारे देश में आयुर्वेदिक वेद इन पेड़ पौधों एवं जड़ी बूटियों से ही दवाइयां बनाकर इलाज करते थे जिससे उनका इलाज भी पेटेंट होता था और पैसा भी अधिक नहीं लगता था आज पेड़ कट जाने से आयुर्वेदिक इलाज भी अंधेरे के गर्त में जा रहा है। पेड़ हमें फल फूल शीतल छाया पेड़ मानव ही नहीं पशु - पक्षियों के रहने का मुख्य ठिकाना है। लेकिन वर्तमान में लोग भौतिकता की चकाचौंध में अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए पेड़ो को काटते जा रहे हैं इसके परिणाम स्वरूप हमें प्राकृतिक आपदाओं का सामना भी करना पड़ रहा है पहले के समय में पक्षियों के आवाज से किसी भी अनहोनी (आपदा) का पता चल जाता था लेकिनअब जैसे-जैसे पेड़ कट रहे हैं तो पक्षियों की संख्या में भी कमी होने लगी है हमें प्रकृति के साथ खिलवाड़ करना बंद करना होगा वरना हालात भयानक होते देर नहीं लगेगी हम प्रकृति का सम्मान करना सीखें नहीं तो भविष्य सुरक्षित नहीं रह पाएगा। आए दिन वाहनों की संख्या बढ़ रही है इनसे निकलने वाली कार्बनडाइ ऑक्साइड को ग्रहण करने के लिए पेड़ अनिवारिय है। कई ऐसी कंपनियों से निकलने वाला रसायन मिश्रित पानी भूमि में जाकर पेड़ों की जड़ों को बाधित करता है इससे पेड़ों का विस्तार घटता है इसलिए  इनके अलग से सेफ्टी टैंक बनाए जाए और पेड़ों को हानी न पहुंचाए क्योंकि वृक्ष पत्थर मारने वालों को भी फल तथा शीतल छाया बराबर देते है। गर्मी से सुलजती काया को शीतलता देते हैं। इसके बावजूद लोग इस और ध्यान देना भूल रहे हैं, आओ हम सब मिलकर ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाए और अपना दायित्व निभाए।

« PREV
NEXT »