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निष्ठा श्रीवास्तव- एक प्रेरणादायक लेखक और मिस एशिया इंटरनेशनल' फाइनलिस्ट....



  निष्ठा श्रीवास्तव झीलों के शहर भोपाल की एक युवा, मेहनती और कट्टर लेखिका  हैं। वह उन भाग्यशाली लोगों में से एक हैं, जिन्होंने अपने सपने को सही दिशा में प्रशस्त किया और अपने पहले उपन्यास रक्षाबंधन के साथ 2020 के लोकप्रिय भारतीय लेखकों के साथ सामूहिक रूप से उतरी । उन्होंने राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय से स्नातक की उपाधि प्राप्त की, और वहीं उन्होंने अपना उपन्यास रक्षाबंधन लिखना शुरू किया, वे अपने इंजीनियरिंग के सफर को भाग्य का फैसला करने वाला मानती है ।

   रक्षाबंधन के अलावा, निष्ठा "अंसुलझी जिंदगी के अनकहे  अलफ़ाज़ " और "साइलेंस" की लेखिका रही हैं और उनका अगला उपन्यास जो कि जुलाई 2021 में प्रकाशित होने वाला है, समाज के बुज़ुर्ग वर्ग की अनकही कहनियाँ दर्शायेगा ।








  
  एक प्रशिक्षित शास्त्रीय गायिका, भरतनाट्यम नृत्यांगना, और स्मृति से लेखिका, निष्ठा एक सशक्त महिला हैं जो जीवन के प्रत्येक रूप में फिट बैठती हैं और अपने लिए अवसर पैदा करने में विश्वास करती हैं। रक्षाबंधन लिखते समय निष्ठा को महिलाओं की आवाज बनने में उनकी रुचि का एहसास हुआ क्योंकि चार्ज लेना आसान नहीं है लेकिन इसके लिए वे बिलकुल तैयार थीं । उन्होंने हाल ही में मिस इंडिया शाइनिंग स्टार और मिस इंडिया विवेशियस २०२० का खिताब पाया है और अब वे भारत का प्रतिनिधित्व करने हेतु मिस एशिया इंटरनेशनल 2021 के लिए चुनी गयीं हैं । 

  निष्ठा ऐसी कई कहानियाँ लिखने का सपना देखती है और साथ ही समाज के स्त्री वर्ग के लिए असंख्य अवसरों कि रचना करने कि चाह रखतीं हैं । निष्ठा ने अपनी सभी उपलब्धियों का श्रेय अपनी मां के साथ साझा किया है और उनके परिवार को उनकी सबसे बड़ी शक्ति बताया।

  रक्षाबंधन उपन्यास बदले हुए सामाजिक ढांचे का आलोचक हैं और उस काली सच्चाई को चित्रित करता है जिसने एक नन्ही लड़की निशा के जीवन को बदल दिया। रक्षाबंधन वैकल्पिक लिंग के 2 लोगों के बीच सबसे पवित्र और मूल्यवान बंधन है और इसलिए एक दूसरे से उम्मीदें बहुत बड़ी होती हैं। यह कहानी बदलते समाज के परिवेश , एक जोड़े के आपस कि लड़ाई और उनके बीच की जदो जेहत जिसका सीधा असर उनकी बेटी पर पड़ता है , ऐसे सम्बन्ध को सामने लाती है। 
  निष्ठा इसे अपने जीवन के लम्बे सफर कि महज़ एक शुरवात मानती हैं और अभी बहुत कुछ करने का जज़्बा रखतीं हैं ।
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