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राजगढ़: सुरक्षित खेल मैदान को तरसते मैदान मारने वाले खिलाड़ी....

 

 राजगढ़(धार)। खेल मैदान का अभाव पिछले काफी सालों से शहर के खेलों के प्रति रूचि रखने वाले खिलाड़ियों के लिए एक विकट समस्या बना हुआ है। एक और प्रदेश में सरकार द्वारा खेल नीति बनाकर खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए नए-नए तरीकों से उचित मंच और अवसर प्राप्त करवाने के दावे किए जाते हैं। तो वही राजगढ़ में इन खिलाड़ियों को देखकर बालिका-बालिकाओं भी प्रेरित होकर आगे आ रही है,पर इन्हें खेलने के लिए शासन द्वारा न तो मैदान मुहैया करवाया जा रहा है,राजगढ़ नगर की प्रतिभाए तो राष्ट्रीय स्तर मैदान मार कर सभी के लिए गौरवांवित कर रही है लेकिन मैदान कैसे वरदान साबित हो यह राह खिलाड़ियों द्वारा देखा जा सकता है। प्रतिभाए अभ्यास ओर सुरक्षित खेल मैदान की मांग लगातार कर रही है लेकिन आश्वासन के सिवाय कुछ नही मिलता जिससे जैसे तैसे जनसहयोग व किसी क्लब के बहाने ही खिलाड़ी अपना अभ्यास वर्तमान समय मे मार्केटिंग सोसायटी ग्राउंड पर ही कर रहे है।

   राष्ट्रीय स्तर पर खेलने वाले खिलाड़ी पायल काग, आयुष जायसवाल, चंद्रपाल सिंह सिसोदिया, नीलेश राठौड़, दानिश खान, तमन्ना चौधरी सनी व्यास। वही राज्य स्तर पर खेलने वाले खिलाड़ी रोहित सोलंकी, शौर्य देव सिंह राठौड़ , प्रियंका, चेतन, युवराज चौयल, रुपाली राठौर, राहुल खराड़ी, निखिल काग,Idca खेलने वाले 11 वर्षिय खिलाड़ी भव्य चौयल है। खिलाड़ी सिर्फ अभ्यास ओर मैच अच्छे से हो जाए यही उम्मीद लगाए बैठे है, लेकिन खेलो में रुचि रखने वाले यहां सहयोग तो देते है


मैदान पर वाहन: खेल मैदान में वाहनों को खड़ा कर कब्जा किए जाने से खिलाड़ियों में आक्रोश है। कहना है कि वाहन संचालक वाहन खड़े कर चले जाते है वही कई बार निवदेन के बाद खिलाड़ियों से झगड़े भी करने की कोशिश करते है वही प्रशासन भी इस कोई सहयोग नही दे रहा सिर्फ नगर परिषद सफाई का कार्य कर लेती है और खिलाड़ियों को जैसे तैसे अभ्यास कर अनेक परेशानी का सामना करना पड़ता है।


 एक था मैदान: पहले मेला मैदान हुआ करता था जहा पर कभी क्रिकेट टूर्नामेंट हुआ करते थे लेकिन जैसे तैसे मेला मैदान में हॉट बाजार व स्कूल बन गया तब से क्रिकेट टूर्नामेंट मार्केटिंग सोसायटी ग्राउंड पर होने लगा है लेकिन शासन न प्रशासन का खेलो के प्रति कम रुचि देखने आ रही है वरना भाजपा और कांग्रेस दोनो बड़ी बड़ी बातें करती है लेकिन खेल की प्रतिभाओं के बारे कोई बात नही करते है ऐसे वह निराश होते रहते है खिलाड़ियों को डर है अब तो शनिवार और रविवार को लोग पशु बाजार भी लगा लेते है ऐसा न हो एक मैदान भी छिन्न जाए इसलिए शासन इस ओर ध्यान देकर खेलो को महत्त्व देकर सुविधा युक्त खेल स्टेडियम बनाए।

   वही प्रतिभाए पूछ रही जो स्कूलों पढ़ती थी खेलो का महत्व लेकिन आज वही प्रतिभाए पूछ रही है कहा है खेल का अच्छा मैदान।

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