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कोरोना संकट में सी.एम. हेल्पलाइन पर 78% से अधिक समस्याओं का निराकरण

 
भोपाल। कोरोना वायरस संक्रमण के इस दौर में सी.एम. हेल्पलाइन-181 एवं 104 नम्बर पर बुधवार, 8 अप्रैल तक आमजन की सभी तरह की 78 प्रतिशत से अधिक समस्याओं का निराकरण किया गया। सी.एम. हेल्पलाइन पर इस अवधि में खाद्य सामग्री, दवाईयाँ, परिवहन, हॉर्वेस्टर की उपलब्धता, भोजन आदि के संबंध में कुल एक लाख 66 हजार 926 कॉल प्राप्त हुए। राज्य शासन ने तत्काल एक लाख 30 हजार 718 कॉल्स पर मिली समस्याओं का त्वरित निराकरण कराया।
सी.एम. हेल्पलाइन के टेलीफोन नम्बरों पर 8 अप्रैल तक खाद्य सामग्री प्रदाय संबंधी 75 प्रतिशत, दवाओं संबंधी 83 प्रतिशत, आवागमन एवं परिवहन संबंधी 97 प्रतिशत, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति संबंधी 84 प्रतिशत तथा अन्य समस्याओं संबंधी 76 प्रतिशत कॉल्स का तुरंत निराकरण किया गया।
प्राप्त विस्तृत जानकारी के अनुसार खाद्य सामग्री प्रदाय संबंधी प्राप्त एक लाख 12 हजार 179 कॉल्स में से 84 हजार 320 कॉल्स पर प्राप्त समस्याओं का निराकरण किया गया। दवाओं संबंधी 16 हजार 444 कॉल्स में से 13 हजार 805 कॉल्स पर तुरंत कार्यवाही की गई। आवागमन और परिवहन संबंधी 14 हजार 985 कॉल्स में से 14 हजार 514 कॉल्स पर तुरंत कार्यवाही की गई। आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति संबंधी 6833 कॉल्स में से 5725 कॉल्स पर तुरंत निराकरण सुनिश्चित किया गया। अन्य समस्याओं संबंधी कुल 16 हजार 285 कॉल्स सी.एम. हेल्पलाइन में प्राप्त हुए। इनमें से 12 हजार 354 कॉल्स पर बताई गई समस्याओं का तत्काल निराकरण कराया गया।
हॉर्वेस्टर हेल्पलाइन नम्बर पर समस्याओं का निराकरण
हॉर्वेस्टर हेल्पलाइन नम्बर-1800-233-6890 पर कम्बाइन हॉर्वेस्टर के संबंध में कुल 217 समस्याओं की जानकारी मिली। इनमें से 26 समस्याओं का त्वरित निराकरण किया गया एवं शेष समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है। अनाज एवं फसल परिवहन के संबंध में कुल 20 कॉल प्राप्त हुए, जिनमें से 8 का त्वरित निराकरण किया गया। शेष समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है। हॉर्वेस्टर एवं अनाज परिवहन हेल्पलाइन पर प्राप्त कॉल्स में 81 प्रतिशत कॉल्स का समाधान किया गया।
भोजन हेल्पलाइन पर समस्याओं का निराकरण

भोजन हेल्पलाइन नम्बर 1800-233-2797 पर कुल 19 हजार 496 कॉल प्राप्त हुए। इनमें से 16 हजार 430 कॉल्स पर प्राप्त समस्याओं का त्वरित निराकरण किया गया। शेष का निराकरण किया जा रहा है। इस प्रकार प्राप्त कुल 84 प्रतिशत समस्याओं का त्वरित निराकरण किया गया।
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