राजगढ़ (धार) । दादा
गुरुदेव की पाट परम्परा के अष्टम पट्टधर श्री मोहनखेड़ा तीर्थ विकास प्रेरक वर्तमान
गच्छाधिपति आचार्यदेवेश श्रीमद्विजय ऋषभचन्द्रसूरीश्वरजी म.सा. की निश्रा एवं
मुनिराज श्री जिनचन्द्रविजयजी म.सा., मुनिराज श्री जीतचन्द्रविजयजी म.सा., मुनिराज श्री जनकचन्द्रविजयजी म.सा. एवं साध्वी
श्री किरणप्रभाश्री जी म.सा., साध्वी श्री सद्गुणाश्री जी म.सा., साध्वी श्री संघवणश्री जी म.सा. आदि ठाणा की
पावनतम सानिध्यता में श्री आदिनाथ राजेन्द्र जैन श्वे. पेढ़ी (ट्रस्ट) श्री
मोहनखेड़ा महातीर्थ के तत्वावधान में श्री पाश्र्वनाथ प्रभु के अट्ठम तप (तेले) की
तपस्या प्रारम्भ हुई । अट्ठम तप आराधना तीसरे दिन विजय मुहूर्त में श्री 108 पार्श्वनाथ भगवान के महापूजन का भव्य आयोजन
उपाश्रय में किया गया । समस्त आराधकों के पारणे सोमवार को होगें । पौष दशमी पर
आयोजित श्री पार्श्वनाथ जयंति के अवसर पर बड़ी संख्या में आराधकों ने श्री मोहनखेड़ा
महातीर्थ पर अट्ठम तप आराधना में हिस्सा लिया ।