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संयुक्त राष्ट्र में गूंजेगी भारत की नारी शक्ति : केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर करेंगी भारत का प्रतिनिधित्व

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 9 से 12 मार्च तक अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में रहेंगी प्रवास पर

  धार। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री एवं धार–महू लोकसभा क्षेत्र की माननीय सांसद श्रीमती सावित्री ठाकुर जी अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर अमेरिका के न्यूयॉर्क सिटी स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित महिला स्थिति आयोग (CSW) के 70वें सत्र में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।

   यह महत्वपूर्ण वैश्विक सम्मेलन 9 से 12 मार्च 2026 तक आयोजित होगा, जिसमें विश्व के विभिन्न देशों के प्रतिनिधि महिलाओं के अधिकार, लैंगिक समानता तथा महिला सशक्तिकरण से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे।

   इस अवसर पर एक बार फिर भारत सरकार की ओर से श्रीमती सावित्री ठाकुर वैश्विक मंच पर भारत की नीतियों, उपलब्धियों और प्रतिबद्धताओं को प्रभावी रूप से प्रस्तुत करेंगी। सम्मेलन के दौरान भारत विशेष रूप से महिला नेतृत्व आधारित विकास, महिलाओं एवं बालिकाओं के लिए न्यायसंगत, समान और प्रभावी पहुंच तथा ग्लोबल साउथ देशों के बीच सहयोग को सुदृढ़ करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों को प्रमुखता से उठाएगा।

  श्रीमती ठाकुर इस सत्र में सामान्य चर्चा के अंतर्गत भारत का आधिकारिक वक्तव्य प्रस्तुत करेंगी तथा महिलाओं और बालिकाओं के विरुद्ध हिंसा की रोकथाम एवं उनके अधिकारों की सुरक्षा से संबंधित उच्च स्तरीय बैठकों में भी भाग लेंगी।
इसके अतिरिक्त वे भारत के स्थायी मिशन द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रम “महिला नेतृत्व विकास और दक्षिण सहयोग – आईबीएसए फंड की सफलता की कहानियां” में भी सहभागिता करेंगी, जिसमें विकासशील देशों में महिला सशक्तिकरण की सफल पहलों और अनुभवों को साझा किया जाएगा।

  यह सम्मेलन United Nations Commission on the Status of Women का प्रमुख वार्षिक सत्र है, जिसका उद्देश्य वैश्विक स्तर पर महिलाओं के अधिकारों की रक्षा, लैंगिक समानता को बढ़ावा देना तथा महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक भागीदारी को सशक्त बनाना है।

  इस महत्वपूर्ण अवसर पर श्रीमती सावित्री ठाकुर ने कहा कि धार क्षेत्र की लगभग 40 घरों वाले छोटे से गाँव कालिकिराय से निकलकर संयुक्त राष्ट्र के मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए गर्व और जिम्मेदारी दोनों का विषय है। उन्होंने अपनी इस उपलब्धि पर देश के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के प्रति गहरा विश्वास व्यक्त करते हुए उनका आभार प्रकट किया।

   उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार में ही यह संभव हुआ है कि खेत-खलिहानों में कार्य करने वाली एक साधारण आदिवासी महिला आज भारत जैसे महान देश का प्रतिनिधित्व संयुक्त राष्ट्र के मंच पर करने जा रही है।

  श्रीमती ठाकुर ने आगे कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा महिला सशक्तिकरण को लेकर लिया गया संकल्प आज देशभर में साकार होता दिखाई दे रहा है और वे स्वयं इस संकल्प का एक प्रत्यक्ष उदाहरण हैं। यह अवसर देश की प्रत्येक बेटी और महिला के लिए प्रेरणा का स्रोत है तथा यह दर्शाता है कि भारत में नारी शक्ति को विकास की धुरी मानते हुए उन्हें नेतृत्व की भूमिका में आगे बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त किया जा रहा है।

  श्रीमती सावित्री ठाकुर की इस सहभागिता से वैश्विक मंच पर भारत की नारी शक्ति, समावेशी विकास और महिला सशक्तिकरण की नीतियों को मजबूती से प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। यह भारत की उस सोच को भी दर्शाता है जिसमें महिलाओं को विकास की धुरी मानते हुए उन्हें नेतृत्व की भूमिका में आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया है।

यूएन में गूंजा 'सबका साथ-सबका विकास' का मंत्र; सावित्री ठाकुर ने पेश किया 'विकसित भारत 2047' का विजन




 

 न्यूयॉर्क/नई दिल्ली: भारत ने न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित सामाजिक विकास आयोग (CSocD) के 64वें सत्र में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने "समन्वित, न्यायसंगत और समावेशी नीतियों के माध्यम से सामाजिक विकास और सामाजिक न्याय को आगे बढ़ाने" पर भारत का राष्ट्रीय वक्तव्य प्रस्तुत किया।

 सामाजिक न्याय और संवैधानिक गारंटी मंत्री सावित्री ठाकुर ने अपने संबोधन में कहा कि भारत में सामाजिक न्याय और सामाजिक संरक्षण संवैधानिक गारंटियों पर आधारित हैं। यह देश के दीर्घकालिक दृष्टिकोण "विकसित भारत 2047" के अनुरूप है। उन्होंने भारत के अधिकार-आधारित और समग्र समाज-केंद्रित 'सबका साथ-सबका विकास' दृष्टिकोण का उल्लेख किया, जो यह सुनिश्चित करता है कि विकास की दौड़ में कोई भी पीछे न छूटे।

भारत की प्रमुख उपलब्धियां और पहल:

  श्रीमती ठाकुर ने उन प्रमुख राष्ट्रीय पहलों की रूपरेखा प्रस्तुत की जो अंतिम छोर तक वितरण (Last Mile Delivery) को प्रदर्शित करती हैं:

  1. शिक्षा में समानता: दूरदराज के क्षेत्रों में बेहतर स्कूल बुनियादी ढांचे और आवासीय शिक्षा के माध्यम से बालक-बालिकाओं की समान भागीदारी।

  2. बुनियादी सेवाओं का विस्तार: पाइप द्वारा पेयजल, स्वच्छ खाना पकाने की ऊर्जा और स्वच्छता सुविधाओं का विस्तार, जिससे महिलाओं और कमजोर समुदायों को सीधा लाभ मिला है।

  3. वित्तीय समावेशन: करोड़ों बैंक खातों के माध्यम से वित्तीय क्रांति लाई गई है, जिसमें महिलाएं उद्यमिता और ऋण योजनाओं की प्रमुख लाभार्थी बनकर उभरी हैं।

  4. सुरक्षा और सहायता: समर्पित हेल्पलाइन और एकीकृत सेवा केंद्रों के माध्यम से महिलाओं और बच्चों के लिए राष्ट्रव्यापी सुरक्षा तंत्र।

  5. स्वास्थ्य एवं पोषण: मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम वर्तमान में 10 करोड़ से अधिक लाभार्थियों तक पहुंच रहे हैं।

  6. समावेशी कल्याण: बुजुर्गों, दिव्यांगजनों, असंगठित श्रमिकों और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए विस्तारित सामाजिक सुरक्षा और लक्षित योजनाएं।

  डिजिटल क्रांति और वैश्विक सहयोग भारत ने सार्वजनिक सेवा वितरण में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने में डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (DPI) और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) की महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख किया। इसके साथ ही, भारत ने सामाजिक विकास मॉडलों पर प्रगति में तेजी लाने के लिए मजबूत बहुपक्षीय सहयोग और दक्षिण-दक्षिण सहयोग (South-South Cooperation) के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।

 सत्र की अध्यक्षता इस 64वें सत्र की अध्यक्षता यूक्रेन की स्थायी प्रतिनिधि राजदूत क्रिस्टीना हायोविशन ने की। इस कार्यक्रम में संयुक्त राष्ट्र की उप महासचिव सुश्री अमीना जे मोहम्मद और नेपाल के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत लोकबहादुर थापा सहित 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।