राजगढ़ (धार)। नगर में रंग पंचमी का पर्व पारंपरिक उत्साह, सौहार्द और रंगों की मस्ती के साथ मनाया गया। सुबह से ही शहर की फिजाओं में अबीर-गुलाल की महक घुल गई थी। बच्चों, युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक, हर कोई इस उत्सव के रंग में रंगा हुआ नजर आया।
गली-मोहल्लों में बिखरी उमंग
सुबह होते ही बच्चों की टोलियां हाथों में पिचकारियां और रंगों की थैलियां लेकर सड़कों पर उतर आईं। एक-दूसरे पर रंगों की बौछार करते बच्चों का उत्साह देखते ही बनता था। वहीं, महिलाओं और पुरुषों ने भी समूह में एकत्रित होकर एक-दूसरे को रंग लगाकर पर्व की बधाई दी। पर्व के चलते राजगढ़ के बाजार दोपहर 4 बजे तक बंद रहे, जिसके बाद शाम होते-होते रौनक और चहल-पहल बढ़ गई।
राधा-कृष्ण की भव्य फाग यात्रा
सनातन संस्कृति रक्षा मंच द्वारा आयोजित राधा-कृष्ण की भव्य 'फाग यात्रा' इस वर्ष आकर्षण का मुख्य केंद्र रही। माताजी मंदिर से प्रारंभ हुई यह यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरी और पुनः मंदिर परिसर पहुंचकर संपन्न हुई। इस दौरान बड़ी संख्या में नगरवासियों ने सहभागिता की और मुख्य रूप से सूखे रंगों (गुलाल) का उपयोग कर पर्यावरण के प्रति जागरूकता का संदेश भी दिया।
नगर परिषद की 'रंगारंग गैर'
नगर परिषद द्वारा निकाली गई पारंपरिक पानी की बौछार वाली 'रंगारंग गैर' ने युवाओं में जोश भर दिया। पालिका निधि परिसर से शुरू हुई इस गैर में नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि महेश जायसवान ने उपस्थित नागरिकों का अभिवादन किया, जबकि उपाध्यक्ष दीपक जैन ने पानी की बौछार कर उत्साह का संचार किया। डीजे की थाप पर थिरकते युवाओं और उड़ते रंगों के बीच यह यात्रा पूरे रास्ते आकर्षण का केंद्र बनी रही।
शांतिपूर्ण रहा उत्सव
त्योहार के दौरान नगर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। शांति और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। हर मुख्य चौराहे पर सुरक्षाबलों की तैनाती रही और पुलिस की पैनी नजर हर गतिविधि पर बनी रही।



