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क़ासिम हैदर क़ासिम के पॉडकास्ट में दिग्गज फ़िल्मकार ने फ़िल्म इंडस्ट्री के बदलते हालात और संघर्षों पर खुलकर की बात

 

प्रसिद्ध फ़िल्मकार Mustafa Engineer हाल ही में Qaseem Haider Qaseem के आने वाले पॉडकास्ट में नज़र आए, जहाँ उन्होंने फ़िल्म इंडस्ट्री की सच्चाइयों पर खुलकर बात की। इस बातचीत में उन्होंने बताया कि आज के दौर में प्रतिभाशाली फ़िल्मकारों के लिए इंडस्ट्री में टिके रहना कितना मुश्किल होता जा रहा है। यह पॉडकास्ट 10 फरवरी को रिलीज़ होने वाला है।

बातचीत के दौरान मुस्तफ़ा इंजीनियर ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि पहले फ़िल्मों में कहानी और रचनात्मकता को सबसे ज़्यादा अहमियत दी जाती थी, लेकिन अब हालात काफ़ी बदल चुके हैं। आज किसी फ़िल्म की सफलता काफी हद तक फंडिंग, मार्केट स्ट्रैटेजी और बिज़नेस प्रेशर पर निर्भर हो गई है। उन्होंने कहा कि बेहतरीन सोच और हुनर होने के बावजूद भी आज के समय में प्रोड्यूसर या निवेशक मिलना बेहद कठिन हो गया है।

मुस्तफ़ा इंजीनियर, जो Kuchh Kaha Aapne और Chand Ke Paar Chalo जैसी फ़िल्मों के लिए जाने जाते हैं, ने यह भी बताया कि आज के निवेशक ज़्यादातर उन्हीं फ़िल्मों में पैसा लगाना चाहते हैं जिनसे जल्दी मुनाफ़ा हो सके। ऐसे में भावनात्मक, सामाजिक या अर्थपूर्ण कहानियों के लिए जगह लगातार कम होती जा रही है और कई अच्छी कहानियाँ सिर्फ़ काग़ज़ों तक ही सीमित रह जाती हैं।

पॉडकास्ट में उन्होंने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के बढ़ते प्रभाव और बदलती दर्शक पसंद पर भी बात की। मुस्तफ़ा के अनुसार, आज के फ़िल्मकारों को नई टेक्नोलॉजी, आधुनिक फ़िल्ममेकिंग तकनीकों और दर्शकों की बदलती उम्मीदों के साथ खुद को लगातार ढालना पड़ता है, जो अनुभवी लोगों के लिए भी आसान नहीं है।

उन्होंने यह भी माना कि फ़िल्ममेकिंग की चुनौतियाँ सिर्फ़ प्रोफेशनल नहीं बल्कि भावनात्मक भी होती हैं। किसी फ़िल्म को बनाने में सालों की मेहनत, धैर्य और समर्पण लगता है, लेकिन फंडिंग, अप्रूवल और रिलीज़ को लेकर बनी अनिश्चितता कई बार मनोबल तोड़ देती है। इसके बावजूद, सिनेमा के प्रति उनका प्यार आज भी बरकरार है।

यह आने वाला पॉडकास्ट फ़िल्म इंडस्ट्री की असलियत को बेहद ईमानदारी से सामने रखता है। मुस्तफ़ा इंजीनियर के अनुभव यह दिखाते हैं कि फ़िल्मों की दुनिया सिर्फ़ जुनून और रचनात्मकता से नहीं चलती, बल्कि इसमें कड़ी प्रतिस्पर्धा, आर्थिक संघर्ष और लगातार बदलते हालातों से जूझना भी शामिल है।

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