राजगढ़ (धार)। मध्यप्रदेश
के
सर्राफा
व्यापारियों
के
लिए
बड़ी
खुशखबरी
है।
अनुसूचित
क्षेत्रों
में
साहूकारी
लाइसेंस
को
लेकर
बरसों
से
चला
आ
रहा
कानूनी
गतिरोध
अब
पूरी
तरह
खत्म
हो
गया
है।
शासन
के
जनजातीय
कार्य
विभाग
ने
एक
ऐतिहासिक
पत्र
जारी
करते
हुए
धार
सहित
प्रदेश
के
20 जिलों
में
लाइसेंस
प्रक्रिया
दोबारा
शुरू
करने
के
आदेश
दिए
हैं।
संतोष सराफ के 'मिशन' को मिली कामयाबी
इस
पूरे
मामले
में प्रदेश सर्राफा एसोसिएशन के सचिव संतोष सराफ ने
एक
योद्धा
की
तरह
भूमिका
निभाई।
जब
2017 के
नियमों
की
गलत
व्याख्या
के
कारण
अनुसूचित
क्षेत्रों
में
लाइसेंस
बंद
कर
दिए
गए
थे,
तब
संतोष
सराफ
ने
प्रदेश
के
समस्त
व्यापारियों
को
एकजुट
किया।
उन्होंने
मंत्रालय
स्तर
पर
लगातार
पैरवी
की
और
शासन
को
यह
समझाने
में
सफलता
पाई
कि
व्यापारियों
को
कानूनी
संरक्षण
मिलना
कितना
आवश्यक
है।
उनकी
इसी
मेहनत
का
परिणाम
है
कि
शासन
ने 21 जनवरी 2026 को
नया
स्पष्टीकरण
आदेश
जारी
किया।
राजगढ़ में खुशी की लहर, नीलेश सोनी ने जताया आभार
राजगढ़ सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष और जिला महामंत्री नीलेश सोनी ने इस आदेश का पुरजोर स्वागत किया है। सोनी ने कहा कि यह सत्य और व्यापारियों के संघर्ष की जीत है।
"हम प्रदेश सचिव संतोष सराफ जी के आभारी हैं जिनके नेतृत्व में यह असंभव कार्य संभव हुआ। अब राजगढ़ का हर छोटा-बड़ा व्यापारी सम्मान और सुरक्षा के साथ अपना पुश्तैनी काम कर सकेगा।" - नीलेश सोनी
धार जिला सर्राफा एसोसिएशन की महत्वपूर्ण अपील
शासन के आदेश के बावजूद, धार जिला सर्राफा एसोसिएशन ने सावधानी बरतते हुए सभी व्यापारियों के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए हैं:
प्रतिबंध जारी: जब तक स्थानीय प्रशासन (कलेक्टर/तहसीलदार) द्वारा आवेदन की प्रक्रिया और पोर्टल पूरी तरह शुरू नहीं हो जाती, तब तक धार जिले में गिरवी पर प्रतिबंध आगामी आदेश तक जारी रहेगा।
पोस्टर लगवाएं: एसोसिएशन ने सभी व्यापारियों को निर्देशित किया है कि वे अपनी दुकानों पर "आगामी आदेश तक गिरवी का कार्य बंद है" के पोस्टर अनिवार्य रूप से लगवाएं, ताकि किसी भी कानूनी उलझन से बचा जा सके।
अपील: सभी सदस्य धैर्य रखें, जैसे ही लाइसेंस प्रक्रिया शुरू होगी, एसोसिएशन द्वारा सूचित किया जाएगा।



