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डाक विभाग (डीओपी) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनएसई) ने म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूशन के जरिए निवेश की सुविधा बढ़ाने के लिए साझेदारी की






  नयी दिल्ली : अंत्योदय योजना के विचार, जो कि कतार में खड़े आखिरी व्यक्ति तक पहुँच स्थापित करने और वर्ष 2047 तक विकसित भारत का निर्माण करने पर आधारित है, के लक्ष्य को आगे बढ़ाते हुए भारत सरकार के संचार मंत्रालय के तहत डाक विभाग (डीओपी) और देश के सबसे बड़े रियल-टाइम फाइनेंशियल इकोसिस्टम, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनएसई) ने आज एनएसई एमएफ इन्वेस्ट प्लेटफॉर्म पर साझेदारी के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इस साझेदारी का उद्देश्य गाँवों और छोटे शहरों के लाखों लोगों की छोटी-छोटी बचत को सही दिशा देकर उन्हें म्यूचुअल फंड निवेश के जरिए मजबूत संपत्ति में बदलना है, ताकि मानक बचत को लाभकारी म्यूचुअल फंड निवेश में लगाया जा सके।
    इस एमओयू पर डाक विभाग की महाप्रबंधक (नागरिक केंद्रित सेवाएँ और ग्रामीण व्यवसाय) सुश्री मनीषा बंसल बादल और एनएसई के मुख्य व्यवसाय विकास अधिकारी (सीबीडीओ) श्री श्रीराम कृष्णन ने एनएसई के प्रबंध निदेशक और सीईओ श्री आशीषकुमार चौहान की गरिमामयी उपस्थिति में हस्ताक्षर किए।
   यह रणनीतिक साझेदारी इंडिया पोस्ट के 1.64 लाख से अधिक डाकघरों के विशाल नेटवर्क (जिनमें 80% से ज्यादा ग्रामीण क्षेत्रों में हैं) और लोगों के बीच उसकी गहरी भरोसेमंद पहचान को, एनएसई के आधुनिक और बिना शुल्क वाले एनएसई एमएफ इन्वेस्ट प्लेटफॉर्म के साथ जोड़ती है। आज भी भारत के सिर्फ लगभग 10% घरों तक ही म्यूचुअल फंड की पहुँच है, वह भी ज्यादातर शहरों में, जबकि उद्योग की प्रबंधित संपत्ति 81 लाख करोड़ रुपए से आगे निकल चुकी है और एसआईपी निवेश लगातार मजबूत बना हुआ है। यह पहल इसी दूरी को कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
  इंडिया पोस्ट की व्यापक पहुँच और भरोसा इसे इस काम के लिए खास बनाता है। इसके जरिए करोड़ों माताएँ, किसान, दिहाड़ी मजदूर और सपने देखने वाले युवा, म्यूचुअल फंड जैसे बेहतर दीर्घकालिक निवेश विकल्पों से जुड़ सकेंगे। इससे समावेशी विकास को बल मिलेगा, घरेलू निवेश बढ़ेगा और कम रिटर्न वाले पारंपरिक विकल्पों पर निर्भरता घटेगी।

साझेदारी में एनएसई की अहम् भूमिका
   पूरी तरह एकीकृत समाधान: एनएसई एमएफ इन्वेस्ट एक पूरी तरह एकीकृत और तैयार समाधान पेश करता है, जो निवेशक की पूरी यात्रा को कवर करता है। केवाईसी से शुरुआत करते हुए मोबाइल या आधार आधारित ई-केवाईसी डाकघरों में या फिर इंडिया पोस्ट के सिस्टम/ऐप के माध्यम से की जा सकेगी। इसके बाद निवेशक ऑनबोर्डिंग, लेन-देन और बैक-ऑफिस इंटीग्रेशन तक की पूरी प्रक्रिया इसी प्लेटफॉर्म पर सुगमता से पूरी होगी।
   2,500 लीडर पहल: एनएसई ने 2,500 इंडिया पोस्ट कर्मियों के लिए एनआईएसएम सर्टिफिकेशन और ईयूआईएन रजिस्ट्रेशन का पूरा खर्च उठाने का संकल्प लिया है। इसका उद्देश्य ग्रामीण भारत में प्रमाणित वित्तीय मार्गदर्शकों की एक मजबूत टीम तैयार करना है, जो लोगों को सही निवेश की दिशा दिखा सके।
   देशव्यापी सहयोग: एनएसई सभी 23 पोस्टल सर्किल और डाक भवन में समर्पित तकनीकी और संचालन टीम तैनात करेगा, ताकि जमीनी स्तर पर 24x7 सहायता सुनिश्चित की जा सके और हर डाकघर को समय पर मार्गदर्शन मिल सके।
   सरलता से विस्तार की ओर: इस पहल की शुरुआत आसान और समझ में आने वाले मॉडल से होगी। निवेश विकल्प सीमित, विविध और छोटी-छोटी राशि से जुड़े होंगे, ताकि आम लोग बिना झिझक शुरुआत कर सकें। पहले चरण में 'डू-इट-योरसेल्फ' (डीआईवाई) मॉडल पर जोर रहेगा, जबकि एनआईएसएम सर्टिफिकेशन और नियामकीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद जरूरतमंद ग्राहकों को मार्गदर्शित सहायता भी दी जाएगी। आगे चलकर यही पहल बड़े स्तर के वेल्थ मैनेजमेंट इकोसिस्टम में बदलेगी।

चरण I: भरोसे के साथ आसान शुरुआत
पहले चरण में इंडिया पोस्ट के भरोसे को आधार बनाते हुए उत्पाद ऐसे होंगे जो सीधे, सीमित और साफ समझ में आने वाले हों। छोटी और सुदृढ़ निवेश राशि, संतुलित विकल्प और सरल प्रक्रिया पर ध्यान रहेगा। डीआईवाई ग्राहकों के लिए आसान रास्ता रहेगा, वहीं प्रमाणित और नियमानुसार सहायता विकल्प भी उपलब्ध होंगे।

चरण II: सम्पूर्ण संपत्ति निर्माण की ओर
  पहले चरण के स्थिर होने के बाद यह साझेदारी पूरे म्यूचुअल फंड इकोसिस्टम तक विस्तार करेगी। 55 से अधिक एएमसी की सभी ओपन-एंडेड योजनाओं तक पहुँच, एसटीपी और एसडब्ल्यूपी जैसे उन्नत व्यवस्थित प्लान, लक्ष्य आधारित निवेश, पोर्टफोलियो विश्लेषण, स्थानीय भाषाओं में सहयोग और बेहतर सलाह सेवाएँ भी जोड़ी जाएँगी, ताकि निवेशक सही मायनों में दीर्घकालिक संपत्ति बना सकें।
  यह पहल इंडिया पोस्ट के उस उद्देश्य से पूरी तरह मेल खाती है, जिसमें निवेश को बढ़ावा देना, बचत से निवेश की आदत को मजबूत करना, तकनीक और अपने व्यापक नेटवर्क के जरिए अंतिम व्यक्ति तक सेवाएँ पहुँचाना और विविध निवेश विकल्पों से जोखिम कम करना शामिल है। इससे डाकघरों और ग्रामीण डाक सेवकों (जीडीएस) के लिए कमीशन आधारित नई आय के अवसर बनेंगे, ग्रामीण, युवा और महिला ग्राहकों से जुड़ाव और मजबूत होगा और इंडिया पोस्ट एक समग्र वित्तीय सेवा प्रदाता के रूप में अपनी पहचान और पुख्ता करेगा।
  एनएसई के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ श्री आशीषकुमार चौहान ने कहा, "हमें डाक विभाग (डीओपी) के साथ साझेदारी कर पूँजी बाजार तक पहुँच को आसान बनाने पर गर्व है। एनएसई एमएफ इन्वेस्ट का मजबूत प्लेटफॉर्म और इंडिया पोस्ट की बेजोड़ पहुँच मिलकर एक नया अध्याय लिखेंगे, जहाँ हर छोटा बचतकर्ता भी संपत्ति निर्माता बन सकेगा।"
  डाक विभाग की महाप्रबंधक (नागरिक केंद्रित सेवाएँ एवं ग्रामीण व्यवसाय) सुश्री मनीषा बंसल बादल ने कहा, "डाक विभाग ने हमेशा वित्तीय समावेशन और नागरिक केंद्रित सेवाओं को आगे बढ़ाने में अहम् भूमिका निभाई है। एनएसई के साथ यह साझेदारी हमारे ग्राहकों को आधुनिक निवेश विकल्प उपलब्ध कराएगी, साथ ही निवेशक सुरक्षा, पारदर्शिता और नियामकीय अनुपालन के उच्च मानकों को बनाए रखेगी।"
   एनएसई के मुख्य व्यवसाय विकास अधिकारी (सीबीडीओ) श्री श्रीराम कृष्णन ने कहा, "बेहतर एकीकरण, प्रशिक्षण और निरंतर सहयोग के जरिए हम यह सुनिश्चित करेंगे कि इंडिया पोस्ट वितरण पर ध्यान दे सके, जबकि तकनीकी आधार की पूरी जिम्मेदारी हम संभालेंगे।"
 यह साझेदारी मानक बचत को उत्पादक पूँजी बाजार से जोड़ने, परिवारों और समुदायों को आर्थिक रूप से मजबूत करने और भारत की संतुलित व समावेशी विकास यात्रा को आगे बढ़ाने का साझा अवसर है।
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