सरदारपुर। सरदारपुर के समीप स्थित प्रसिद्ध झिर्णेश्वर मंदिर के आसपास के राजस्व क्षेत्र में पिछले दो दिनों से वन्य प्राणी लकड़बग्घे (Hyena) के विचरण की सूचना से क्षेत्र में सनसनी है। दिनांक 14.01.2026 व 15.01.2026 को ग्रामीणों द्वारा वन्य प्राणी देखे जाने की सूचना वन विभाग को दी गई थी।
वन विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई
सूचना मिलते ही वनमंडलाधिकारी धार विजयंनथम टीआर एवं उपवनमंडलाधिकारी सरदारपुर सुनिल सुलिया के मार्गदर्शन में रेस्क्यू दल सक्रिय हुआ। दल प्रभारी जोगडसिंह जमरा, अमनसिंह टेगोर एवं अन्य सदस्यों द्वारा संपूर्ण क्षेत्र में सघन सर्चिंग अभियान चलाया गया। जांच के दौरान क्षेत्र के नमी वाले स्थानों पर वन्य प्राणी के पगमार्क (पदचिह्न) और विष्ठा पाई गई, जिनकी पुष्टि लकड़बग्घे के रूप में हुई है।
प्रत्यक्षदर्शियों का दावा: परिवार के साथ है वन्य जीव
क्षेत्र के प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यहाँ 02 वयस्क लकड़बग्घे अपने 03 छोटे बच्चों के साथ देखे गए हैं। वन विभाग के अनुसार, ये वन्य प्राणी अक्सर टांडा एवं भीलखेड़ी घाट के जंगलों से शिकार और पानी की तलाश में भटकते हुए राजस्व क्षेत्रों की ओर आ जाते हैं।
स्थानीय निवासियों को दी गई समझाइश
वन विभाग की टीम ने स्थानीय ग्रामीणों और खेतों में काम करने वाले कृषकों को सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण समझाइश दी है:
* रात्रि के समय खेतों या बाहर अकेले न निकलें।
* छोटे बच्चों को अकेले घर से बाहर न जाने दें।
* हमेशा समूह में आवागमन करें और सतर्कता बरतें।
सतत निगरानी जारी
वन परिक्षेत्राधिकारी सरदारपुर,शैलेंद्र सोलंकी ने बताया कि रेस्क्यू दल द्वारा दिन व रात लगातार क्षेत्र की सर्चिंग की जा रही है और वन्य प्राणी के मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है। वर्तमान में लकड़बग्घा आसपास दिखाई नहीं दिया है, फिर भी सुरक्षा के मद्देनजर लोगों से अपील की गई है कि कोई भी मांसाहारी वन्य जीव दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचित करें।



