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अहमदाबाद और दुबई में 27 फरवरी और 3 अप्रैल को द रिन्यूअल रनवे फैशन वीक और ‘बेटी है तो सृष्टि है’ पोस्टर लॉन्च होगा

अहमदाबाद: फैशन, सिनेमा और सामाजिक चेतना को एक साझा मंच पर लाने वाला एक बड़ा राष्ट्रीय–अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक आयोजन आगामी दिनों में अहमदाबाद और दुबई में आयोजित होने जा रहा है। इस आयोजन के तहत द रिन्यूअल रनवे फैशन वीक और हिंदी फीचर फिल्म ‘बेटी है तो सृष्टि है’ का आधिकारिक पोस्टर लॉन्च किया जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत 27 फरवरी को Ahmedabad में होगी, जबकि इसी प्रारूप का अंतरराष्ट्रीय संस्करण 3 अप्रैल को Dubai में आयोजित किया जाएगा।

आयोजकों के अनुसार, दोनों शहरों में कार्यक्रम की संरचना और प्रस्तुति समान रखी जाएगी, ताकि भारतीय फैशन और सिनेमा को एक सुसंगत रचनात्मक पहचान के साथ राष्ट्रीय और वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया जा सके। यह पहल भारतीय रचनात्मक उद्योग को सीमित भौगोलिक दायरे से बाहर ले जाकर अंतरराष्ट्रीय संवाद से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

अहमदाबाद में होने वाला आयोजन इस श्रृंखला की पहली कड़ी होगा। यहां फिल्म और फैशन जगत से जुड़े कई जाने-माने नामों की मौजूदगी रहने की संभावना है। इसके साथ ही मीडिया प्रतिनिधि, सांस्कृतिक विशेषज्ञ और विशिष्ट अतिथि भी कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे। जानकारों का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से अहमदाबाद जैसे शहरों की पहचान केवल व्यापारिक या औद्योगिक केंद्र के रूप में नहीं, बल्कि एक उभरते सांस्कृतिक और रचनात्मक हब के रूप में भी मजबूत होती है।

कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण हिंदी फीचर फिल्म ‘बेटी है तो सृष्टि है’ का आधिकारिक पोस्टर लॉन्च होगा। यह फिल्म महिलाओं के सम्मान, बेटियों की गरिमा और समाज में महिलाओं की केंद्रीय भूमिका जैसे विषयों को केंद्र में रखकर बनाई गई है। फिल्म के कास्ट और क्रू सदस्य इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे और मीडिया से बातचीत करेंगे। आयोजकों के मुताबिक, इस सत्र के दौरान फिल्म की सोच, इसके निर्माण की प्रक्रिया और सामाजिक संदर्भों पर चर्चा की जाएगी।

सूत्रों के अनुसार, इस आयोजन में फिल्म उद्योग से जुड़े कई अभिनेता और अभिनेत्रियों की भागीदारी भी अपेक्षित है। इसके अलावा, भारतीय राजनीतिक जगत से जुड़ी कुछ प्रमुख हस्तियों के शामिल होने की भी संभावना जताई जा रही है। आयोजकों का कहना है कि सिनेमा और राजनीति से जुड़े लोगों की मौजूदगी कार्यक्रम को व्यापक सामाजिक संदर्भ प्रदान करती है और इसके संदेश को अधिक प्रभावी बनाती है।

आयोजकों ने यह भी स्पष्ट किया है कि अहमदाबाद संस्करण में मुख्य अतिथि के रूप में सुश्री शुष्मिता और डॉ. अदिति शामिल होंगी, जबकि सुश्री सिमरन इस आयोजन में मानद अतिथि के तौर पर उपस्थित रहेंगी। उनकी भागीदारी से कार्यक्रम को सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विशेष महत्व मिलने की उम्मीद है।

पोस्टर लॉन्च के बाद कार्यक्रम का दूसरा प्रमुख हिस्सा द रिन्यूअल रनवे फैशन वीक होगा। यह फैशन वीक एक राष्ट्रीय–अंतरराष्ट्रीय मंच के रूप में विकसित किया गया है, जिसका उद्देश्य भारतीय डिजाइनरों और मॉडलों को वैश्विक अवसर उपलब्ध कराना है। फैशन शो में भारत और विदेशों के डिजाइनर अपनी-अपनी कलेक्शन प्रस्तुत करेंगे, जबकि भारतीय और अंतरराष्ट्रीय मॉडल्स रैंप पर नजर आएंगे।

आयोजकों के अनुसार, फैशन वीक की प्रस्तुति अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होगी। इसमें पेशेवर कोरियोग्राफी, आधुनिक लाइटिंग, तकनीकी रूप से सशक्त मंच सज्जा और सुव्यवस्थित रनवे शो शामिल होंगे। फैशन इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आयोजन उभरते डिजाइनरों और मॉडलों के लिए करियर की नई संभावनाएं खोलते हैं।

अहमदाबाद में चयनित कुछ डिजाइनर और मॉडल्स को दुबई में होने वाले कार्यक्रम में भी अपनी प्रस्तुति देने का अवसर मिल सकता है। दुबई संस्करण को अंतरराष्ट्रीय फैशन बाजार के लिहाज से अहम माना जा रहा है, जहां वैश्विक मीडिया, खरीदार और फैशन इंडस्ट्री से जुड़े प्रतिनिधियों की मौजूदगी की संभावना है।

दुबई में 3 अप्रैल को होने वाला आयोजन भारतीय रचनात्मक उद्योग के लिए अंतरराष्ट्रीय पहचान को और मजबूत करेगा। सूत्रों का कहना है कि इस संस्करण में विदेशों से राजनेता, अंतरराष्ट्रीय कलाकार और सांस्कृतिक प्रतिनिधि भी शामिल हो सकते हैं, जिससे आयोजन को वैश्विक स्तर पर और व्यापक पहुंच मिलेगी।

संस्कृति विशेषज्ञों का मानना है कि अहमदाबाद और दुबई में एक ही प्रारूप में कार्यक्रम आयोजित करना सांस्कृतिक आदान-प्रदान को नई दिशा देता है। यह पहल न केवल फैशन और सिनेमा को एक मंच पर लाती है, बल्कि सामाजिक संदेश को भी वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाने का माध्यम बनती है।

27 फरवरी और 3 अप्रैल को आयोजित होने वाले ये कार्यक्रम भारतीय फैशन और सिनेमा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत और संगठित पहचान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं। आयोजकों का मानना है कि इस तरह के दो-शहरी और दो-देशीय आयोजन भविष्य में और भी बड़े सांस्कृतिक सहयोग और रचनात्मक साझेदारियों का मार्ग प्रशस्त करेंगे।


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