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पहली बार किसी तीर्थ को तीर्थ का दर्जा दिलाने के लिए लिखे जाएंगे पोस्टकार्ड

 


 

 रविवार से आरंभ होगा अभियान,जैन समाज सम्मेद शिखरजी के लिए सीएम से लेकर पीएम तक को मिलेगा पोस्ट कार्ड....


  राजगढ़ (धार) मध्यप्रदेश। झारखंड स्थित प्रसिद्ध जैन तीर्थ श्री सम्मेद शिखरजी को पर्यटन क्षेत्र घोषित करने के विरोध में लगातार जैन समाज अपने स्वर मुखर करता जा रहा है। यह बात अलग है कि किसी भी सरकार के कान पर इस मामले को लेकर अब तक जूं नहीं रेंगी हैं। उधर, जैन समाज ने इस मामले में अंत तक लड़ाई लड़ने का मन बना लिया है। अहिंसावादी तरीके से अपने मांग के लिए दुकानें बंद रखने से लेकर ज्ञापन तक सौंपे गए लेकिन नतीजा ठोस रूप से बाहर नहीं आ पाया। अब इस मामले में जल्द ही जैन समाज द्वारा पोस्ट कार्ड अभियान की शुरूआत की जाएगी। इसके तहत झारखंड के मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक को पोस्ट कार्ड भेजे जाएंगे। इसकी पुष्टि करते हुए श्री सम्मेद शिखर युवा मंच के दीपक जैन, विनय भंडारी, नितीन चिंटू चौहान, पंकज मामा, अक्षय भंडारी, पिंटू जैन, अंकुर भंडारी आदि ने कहा कि पोस्टकार्ड का वितरण हर घर किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक संख्या में पोस्टकार्ड संबंधितों के पास पहुंच सके और तीर्थ को पर्यटन क्षेत्र घोषित करने के निर्णय को वापस लेने के लिए सरकार में मजबूर हो जाए।

पोस्टकार्ड के साथ देंगे मैटर, हाथ से लिखकर करेंगे पोस्ट

  दीपक जैन ने बताया कि पोस्ट कार्ड घर-घर देने के साथ ही एक मैटर भी दिया जाएगा जिसे हाथों से ही पोस्ट कार्ड पर लिखना होगा। इसके बाद पोस्ट कार्ड को पोस्ट कर दिया जाएगा। इस कार्य में सकल जैन श्री संघ से भी सहयोग की अपील की गई है।

यह है पूरा मामला

  जैन समाज की श्रद्धा व आस्था का केंद्र सम्मेद शिखर जी को झारखंड सरकार ने कुछ समय पहले पर्यटन स्थल घोषित कर दिया। इससे जैन समाज में जबरदस्त आक्रोष उत्पन्न हो गया। समाज के आचार्य, मुनि भगवंत व अन्य समाजसेवियों आदि का कहना था कि तीर्थ क्षेत्र को यदि पर्यटन क्षेत्र घोषित किया जाता है तो ना सिर्फ तीर्थ की पवित्रता कम होगी अपितु तीर्थ क्षेत्र पर ऐसी गतिविधियां आरंभ हो जाएंगी जिन्हें स्वीकारा नहीं जा सकता। इस मामले में मांग की गई थी कि जिस प्रकार उज्जैन, ओंकारेश्वर सहित अन्य तीर्थ को पवित्र तीर्थ का दर्जा दिया गया हैं उसी प्रकार पर्यटन क्षेत्र का निर्णय बदलकर सम्मेद शिखरजी को भी पवित्र तीर्थ का दर्जा दिया जाए।

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