श्री मोहनखेड़ा महातीर्थ में द्वार उदघाट्न पश्चात श्री गौतम रास का वाचन हुआ

 


  राजगढ़ (धार)।  दादा गुरुदेव की पाट परम्परा के गच्छाधिपति आचार्य देवेश श्रीमद्विजय ऋषभचंद्र सूरीश्वर जी म सा के शिष्य रत्न मुनिराज श्री जीतचन्द्र विजयजी म सा ,वरिष्ठ साध्वी श्री किरणप्रभा श्रीजी म सा ,साध्वी श्री सद्गुणा श्रीजी म सा ,साध्वी श्री विमलयशा श्रीजी म सा, साध्वीश्री हर्षवर्धना श्रीजी म सा आदि ठाणा की पावनतम निश्रा में दीपावली के दूसरे दिन एकम को श्री मोहनखेड़ा महातीर्थ के जिन मंदिर व गुरुसमाधि मंदिर के द्वार उदघाट्न के पश्चात निर्वाण लाडू भगवान को अर्पित किया गया।ततपश्चात  मुनिराज श्री जीतचन्द्र विजयजी म सा द्वारा पधारे हुए सभी गुरु भक्तों को गौतम रास का वाचन श्रवण करवाया गया । मुनि श्री ने गौतम रास वाचन के दौरान गुरुभक्तों से कहा कि आज नूतन वर्ष के अवसर पर सभी संकल्प ले कि हम कभी भी जीवन में निंदा ओर ईर्ष्या नही करेंगे । कभी भी झूठ नही बोलेंगे । कभी भी चोरी नही करेंगे ।





  इस अवसर पर तीर्थ के मैनेजिंग ट्रस्टी सुजानमल सेठ ,तीर्थ के महाप्रबंधक अर्जुनप्रसाद मेहता,सह प्रबन्धक प्रीतेश जैन सहित कई वरिष्ठ समाजजन उपस्थित थे साथ ही श्री मोहनखेड़ा महातीर्थ में दीपावली पर आयोजित पांच दिवसीय महोत्सव में शामिल होने आए सैकड़ो गुरुभक्त भी गौतम रास वाचन कार्यक्रम में उपस्थित थे