नए भारत के निर्माण के लिए तैयार हो जाओ,बदलाव प्रकृति का नियम- प्रो-डॉ- दिनेश गुप्ता- आनंदश्री



(प्रो-डॉ- दिनेश गुप्ता- आनंदश्री आध्यात्मिक व्यख्याता एवं माइंडसेट कोच मुम्बई)


  नए भारत के निर्माण के लिए तैयार हो जाओ बदलाव प्रकृति का नियम है,कहते है यह नया भारत है। नया भारत जिनके उसूल तो पुराने है, लेकिन सोच नई है। सारा हिंदुस्तान आज घरों में बैठा लॉक डाउन में है। किसी के लिए त्योहार है, किसी के लिए एकांत है, तो किसी के लिए तैयारी जीत की है।

  कुछ व्यापारी " नेटफ्लिक्स "में फ़िल्म देख रहे है तो कुछ बंद के माहौल में भी बिजनेस को बड़ा करने की तैयारी कर रहे है।वे लोग नया नया बिजनेज़ के गूढ़ राहस्य को सीख रहे है।

  इतना तो है कि यह भारत , यह संसार पहले जैसा नही होगा। डार्विन के सिद्धांत के अनुसार  " सरवाइवल फ़ॉर फिटेस्ट " ( जो फिट होगा वही जिंदगी गुजार पायेगा, वरना गुजर जाएगा )
कहते है।

  विद्यार्थी इस लॉक डाउन में नई नई भाषा, विषय, सायन्स के प्रयोग या कोई हुनर सीख सकते है। अब सभी चाहते है कि दूसरा चरण भी समाप्त हो जाये और फिर से अपने कार्य मे लग जाये।

बदलाव को स्वीकार करना पड़ेगा...

  हां... बदलाव का दौर हमेशा रहा है। लेकिन " कोरोना " ने इस दुनिया मे बहुत बड़ा बदलाव लाया।
सभी चाहते थे परिवर्तन हो लेकिन परिवर्तन के समय वह स्वयम को नही बदलते। जो स्वयं को नही बदलते वह बहुत पीछे रहा जाते है।

  आज के परिवेश को दर्शाती एक छोटी सी किताब " हु मोव्ह माय चीज़ ? ", बदलाव मैनजमेंट की एक जबरदस्त पुस्तक।के कुछ अंश आपके साथ साझा कर रहा हूँ ।

1- दुनिया मे हर समय परिवर्तन होता है। हर क्षेत्र में बदलाव आते रहते है। सफलता के लिए बदलाव को स्वीकार करें।

2- आपके पास मौजूद रिसोर्स को देखते रहे। जैसे नॉकरी, पैसा, व्यापार, स्किल समय समय पर चेक करते रहे। सतर्क रहें।

3- जब हम सतर्क रहते है तो अपने रिसोर्स में होने वाले परिवर्तन को भांप लेते है। अपने लिए नई खोज हम तुरंत कर सकते है।

4-जितनी जल्दी आप बदलाव को स्वीकार करते हो उतनी ज़ल्दी आप नई खोज कर लेते हो।

5- आपका आनंद को स्रोत आपके पास है। जब वह आपके पास होता है आप खुश होते हो, लेकिन बदलाव प्रकृति का नियम है। हो सकता है वह बासी हो जाये, तो आपको भी बदलाव के लिए तैयार होना है।


जब आप परिवर्तन के साथ खुद को बदलते है तो आप खुद को नए रूप में ढालते हो। यह नए भारत का निर्माण है। लोगो का देखने का, जीवन जीने का सभी मे एक बहुत बड़ा परिवर्तन होगा। आओ परिवर्तन को स्वीकार करे, नए भारत का निर्माण करें।