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देवी अहिल्या की नगरी में सरेआम महिला प्रोफ़ेसर को प्रो.पी.एन.मिश्रा अपमानित कर रहे हैं लेकिन 29 साल सांसद रहीं सुमित्रा महाजन महिला अपमान पर चुप हैं क्यों...?

देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की “महिला प्रोफ़ेसर के साथ दुर्व्यवहार एंव प्रताड़ित करने वाले 
        प्रोफ़ेसर पी.एन.मिश्रा के ख़िलाफ़ मुख्यमंत्री को तथ्यों सहित शिकायत 

राज्यपाल को भी प्रो.पी.एन.मिश्रा के काले कारनामों से अवगत कराया 
एंव सख़्त कार्यवाही की मॉंग की 

“महिलाओ को लेकर पूर्व में भी प्रो.पी.एन.मिश्रा का आचरण संदिग्ध शिकायत कर्ता की शिकायत में पूर्व की घटनाओं का ज़िक्र हैं

डीएवीवी की कुलपति दबाव में काम न करे,महिलाओ के सम्मान की रक्षा करे,
कम से कम एक महिला कुलपति होने का धर्म ईमानदारी से निभाए

काग़ज़ों पर A+ ग्रेड वाली डीएवीवी में महिला प्रोफ़ेसर ही सुरक्षित नही को छात्राएँ कैसे सुरक्षित रहेगी

भाजपा के ज्ञापन बाज बुजुर्ग छात्र नेता अब क्यों चुप हैं ..?एक महिला प्रोफ़ेसर के सम्मान की रक्षा की चिंता नहीं की” भाजपा का पोषित हैं पी.एन.मिश्रा



 

 इंदौर  म.प्र.कॉंग्रेस कमेटी के प्रदेशसचिव राकेश सिंह यादव ने आरोप लगाया हैं की डीएवीवी में महिला प्रोफ़ेसर को प्रो पी.एन.मिश्रा ने प्रताड़ित करने के साथ ही अपमानित भी किया हैं। इसके बाद भी कुलपति सख़्त कार्यवाही करने के बजाय समझौता कराने की कोशिश कर रही हैं।ये बेहद आपत्तिजनक हैं।कुलपति को अपने पद और गरिमा के अनुरूप कार्यवाही करना थी ।
    लेकिन पी.एन.मिश्रा को बचाने के लिए एक महिला प्रोफ़ेसर की प्रतिष्ठा को दॉंव पर लगा दिया हैं।इस तरह के व्यवहार की जितनी भी निंदा की जाये कम हैं। शिकायतकर्ता की शिकायत में ही दर्ज हैं की प्रो.पी.एन.मिश्रा की नीयत महिलाओ को लेकर ठीक नहीं रहती हैं तो क्या वजह हैं की इस प्रोफ़ेसर को संरक्षण दिया जा रहा हैं।
   अनेक बार की सांसद सुमित्रा महाजन भी महिलाओ के अपमान पर चुप हैं तथा वर्तमान सांसद शंकर लालवानी भी मौन धारण करके चुप हैं ।ये बातें सिद्ध करती हैं की ऐसे संदिग्ध प्रोफ़ेसरों को भाजपा का समर्थन हासिल हैं इसलिए किसी भी महिला को अपमानित करने का साहस रखते हैं।लेकिन अब कमलनाथ सरकार में ये संभव नहीं होगा।
   इस संदर्भ में तथ्यो सहित मुख्यमंत्री कमलनाथ जी को पत्र लिखकर शिकायत की गई हैं जिसमें मॉंग की गई हैं की प्रोफ़ेसर पी.एन.मिश्रा की सेवाएँ ग़लत आचरण को देखते हुए तत्काल प्रभाव से समाप्त की जाये।इसी संदर्भ में माननीय राज्यपाल महोदय को भी पत्र लिखकर शिकायत दर्ज करायी गयी हैं इसके साथ ही राज्य महिला आयोग एंव मानव अधिकार आयोग को भी शिकायत दर्ज करायी गयी हैं।
  देवी अहिल्या की नगरी में ए प्लस यूनिवर्सिटी में जब महिला प्रोफ़ेसर के साथ इतना अमानवीय व्यवहार हो सकता हैं तो वहॉं पढ़ने वाली छात्राओं को कितना प्रताड़ित किया जाता होगा ऐसे स्तरहीन प्रोफ़ेसर के द्वारा ये कल्पना से परे हैं।
  कुलपति ने कुछ समय पूर्व झुठी शिकायत पर मिर्ची कॉंड में बेगुनाह छात्रों को दंड दिया था लेकिन अब क्या हुआ शिकायतकर्ता सामने हैं दोषी पी एन मिश्रा सामने हैं तो सख़्त कार्यवाही करने में कुलपति घबरा क्यों रही हैं।
  इस तरह का आचरण डीएवीवी में नही चलेगा । इन्दौर की गरिमा का ध्यान रखते हुए पी एन मिश्रा की सेवाएँ समाप्त करना चाहिए।जिससे एक महिला प्रोफ़ेसर के सम्मान की रक्षा हो सके।
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