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म.प्र.कॉंग्रेस प्रदेशसचिव राकेश सिंह यादव ने बताया म.प्र.में भाजपा का किसान आंदोलन किसानों के साथ नौटंकी और धोखा”

म.प्र.में भाजपा का किसान आंदोलन किसानों के साथ नौटंकी और धोखा
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गोलियों से  किसानों को छलनी करने वालों को किसान माफ नही करेंगे
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मंदसौर गोली कॉंड के ज़िम्मेदार शिवराज सत्ता से बेदखल होने पर किसानों के लिए घडियाली आँसू बहा रहे है
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मंदसौर गोलीकॉंड। में मरने वाले किसानों से माफ़ी मॉंगे बाद में किसानों की बात करे
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  म.प्र.कॉंग्रेस कमेटी के प्रदेशसचिव राकेश सिंह यादव ने भाजपा को किसानों विरोधी पार्टी बताया हैं। मप्र में गत 15 वर्षों में रही भाजपा सरकार ने अनेक योजनाओं का ढिंढोरा तो काफी बजाया लेकिन फिर भी किसान क्यों 15 साल रोता रहा ..कर्जमाफी, फसल बीमा, सहकारी सहायता आदि-इत्यादि केवल भाजपा के प्रचारतंत्र में ही किसानों को खुश दिखाते रहे,जबकि मप्र के लगभग 60 से 78 प्रतिशत किसान फसल बीमा के बारे में संबंधित विभागों में जाते थे तो उन्हें जवाब मिलता था की कार्रवाई चल रही है।अप्रत्यक्ष रूप से भ्रष्टाचार चरम पर था जिसने किसानों को मौत के मुहँ में धकेला था।किसानों की मौत के ज़िम्मेदार भाजपा के कार्तधार्ता ही थे।जो आज किसान आंदोलन की नौटंकी करने जा रहे हैं।
 भाजपा की शिवराज सरकार में किसानों ने अपनी समस्याओं को लेकर आंदोलन किया था जिसमें किसानों पर पुलिस फायरिंग हुई और 6 लोग इसमें मारे गए। ये आंदोलन कर्जमाफी को लेकर किया गया था। मध्यप्रदेश के मंदसौर में चल रहे किसान आंदोलन के दौरान हिंसा भड़क उठी थी। हिंसा पर नियंत्रण के लिए पुलिस द्वारा की गई फायरिंग में 6 लोगों की मौत हो गई थी।ये भाजपा का किसानों को तोहफ़ा था जिसमें क़र्ज़माफ़ी के नाम पर गोलियॉ ईनाम में किसानों के सीने में दाग़ी गयी थी।आज भाजपा किस मुँह से किसानों की बात करेगी क्योंकि ये वही भाजपा हैं जिसने क़र्ज़ माफ़ी की मॉंग पर गोलियों से भूना था।

  मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने किसानों  की आत्महत्या पर भी मप्र काी सरकार को कोई अफसोस नहीं हुआ था।

  किसानों के लिए भाजपा के राज में खेती करना मौत का सौदा बन गया था जबकि प्रचार-प्रसार में पूर्व भाजपा सरकार किसानों को खुशहाल बता रही थी।किसान जैसे-तैसे करके साहूकारों से कर्ज लेकर अपना खेत तैयार करता तथा वास्तविक रूप से सरकारी सहायता नहीं मिलना या विलंब और दूसरा अवर्षा जैसी स्थिति या सिंचाई सुविधा डांवाडोल होने से साहूकार का ब्याज-दर-ब्याज बढ़ता जाता था।किसान मुसीबतें झेलते रहे और पूर्व भाजपा सरकार प्रचार माध्यमों से किसानों को खुशहाल बनाती रही।ये ही 
  भाजपा और शिवराज का असली चेहरा था जिसने किसानों को आत्महत्या करने के लिए मजबूर किया।अब किसानों के नाम पर आंदोलन करना ही सिद्ध करता हैं की 15 सालों में किसानों को बर्बाद किया हैं शिवराज ने।
शिवराज ने अपने शासन में किसानों के आंदोलनों को समाप्त करने के लिए फर्जी किसान संघों से समझौते करके किसानों के साथ विश्वासघात किया था जिसे किसान भूले नही हैं।
  विकास बनाम विनाश अतिक्रमण का बुलडोजर चलायाथा।शिवराज से केवल किसान ही नाखुश रहे हों, ये बात नहीं है। किसानों के अलावा आम नागरिक भी परेशान थे।बरसों से बसे आशियाने ऐन त्योहारों के वक्त तोड़ दिए गए। अतिक्रमण विरोधी मुहिम के चलते सरकारी बुलडोजरों को भाजपा नेताओं और उनके वालों के अतिक्रमण बहुत कम दिखे और जो गैर थे उनके आशियाने तक उजाड़ दिए गए। यहीं नहीं, विकास और स्मार्टसिटी के नाम पर अनेक स्थानों पर दिहाड़ी धंधा करने वालों के खोमचे, ठेले, गुमटी तक हटाने की जुर्रत ही नहीं की बल्कि पूरी तरह रौंद दिए गये थे।जनता और किसान भूले नहीं हैं। गायों की दुर्गति शिवराज के शासनकाल में हुई थी।
  घरों में पहली रोटी गाय की निकलती थी लेकिन अब किसे रोटी दें, क्योंकि भाजपा सरकार ने गायों को तो जंगल में छोड़ दिया था।नगर महानगर बन रहे हैं, तो पशु-पक्षियों को मानव आबादी के लिए खाली करवाए जाने का मसला अमानवीय था।लोग बरसों से पशुधन जिनमें प्रमुख रूप से गाय और कुत्ता शामिल है, को रोटी देते रहे हैं। गायों को शहरों से जंगलों में भेज दिया गया मरने के लिए ।उनमें से लगभग 80 प्रतिशत गाये मारी गयी थी।
  आज किसान म.प्र. में मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व वाली कॉंग्रेस सरकार में इज़्ज़त से ज़िंदगी जी रहा हैं न किसान को सरकार से डर हैं न साहूकार से।मुख्यमंत्री कमलनाथ जी की सरकार किसानों की सरकार हैं जिसके प्रत्येक फ़ैसले किसान एंव प्रदेश की जनता के हितों को देखते हुए किये जाते हैं।
भाजपा को किसानों की ख़ुशहाली से तकलीफ हैं इसलिए किसानों के नाम पर राजनैतिक रोटियॉं सेकने का असफल प्रयास 4 नवम्बर को करने जा रही हैं।इसका जवाब प्रदेश की जनता और किसान ने तो पेहले ही सत्ता से बाहर करके दे दिया हैं।इसके बाद भी खिसियानी बिल्ली खंबा नोचे साबित होगी भाजपा की किसानों के नाम पर नौटंकी।


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