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म.प्र.कॉंग्रेस कमेटी के प्रदेशसचिव राकेश सिंह यादव ने बताया - देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ कॉमर्स के छात्रों को विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसरों की साज़िश के शिकार


प्रोफ़ेसरों की आपसी रंजिश ने विश्वविद्यालय को राजनीति का अखाड़ा बनाया”
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“बहुचर्चित मिर्ची कॉंड में एक-दूसरे को निपटाने के लिए बेगुनाह पॉंच छात्रों को फँसाया”
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“भाजपा से जुड़े प्रोफ़ेसरों ने रची साज़िश “मीडिया को भी असत्य एंव भ्रामक ख़बरें जानबूझकर साज़िश के अन्तगर्त देकर भ्रमित किया”
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Indore:  म.प्र.कॉंग्रेस कमेटी के प्रदेशसचिव राकेश सिंह यादव ने डीएवीवी की बड़ी साज़िश का खुलासा करते हुए बताया की कुछ दिनों से बहुचर्चित मिर्ची कॉंड में डीएवीवी के स्कूल ऑफ़ कॉमर्स के 6 छात्रों को लड़कियों के टॉयलेट में मिर्ची स्प्रे करने का आरोप लगाकर 15 दिन के लिए सस्पेंड कर दिया गया था।इस मिर्ची कॉंड की जॉंच के लिए बक़ायदा डीएवीवी में अनुशासन समिति ने जॉंच करके 6 छात्रों को सबुतो के आधार जिसमें शिकायत एंव सीसीटीवी फ़ुटेज को देखकर निर्णय लेकर 15 दिन के लिए सस्पेंड करने की सजा सुना कर अपराधी सिद्ध किया था।
जबकि इस मिर्ची कॉंड की हक़ीक़त कुछ अलग ही हैं।ये हक़ीक़त डीएवीवी के काले चेहरों एंव काले कारनामों से पर्दा उठाती हैं।डीएवीवी प्रोफ़ेसरों का अपना रुतबा और रसूख़ स्थापित करने की कोशिश में छात्रों का उपयोग करने में भी नहीं चूक रहे हैं।
  मिर्ची कॉंड डीएवीवी केम्पस में जन्माष्टमी 23अगस्त के आस-पास की घटना थी।इसका घटनाक्रम इस प्रकार हैं कीं मिर्ची स्प्रे करके लड़कियों को परेशान करने के आरोप में छात्र रोहित सिंह चौहान एंव प्रवीण पिपनिया शामिल था।इनमें से एक छात्र प्रवीण को बचाया गया एंव रोहित सिंह चौहान से एचओडी रेखा आचार्य ने माफ़ीनामा लिखवाकर पॉंच से छ दिन के लिए सस्पेंड करके मामला रफ़ा दफ़ा कर दिया था।
  इसके बहुत दिन बाद साज़िश के अन्तर्गत डीएवीवी के कर्मचारी प्रमिला सूर्यवंशी (मस्टरकर्मी)एंव निलेश सैनी (लेखा विभाग) एंव शैलेंद्र मिश्रा(AO),राजश्री देसाई(कल्चरल हेड),भूमि सितलानी ने मिलकर पॉंच निर्दोष छात्रों को फँसाकर एचओडी प्रीति सिंह को हटाने की साज़िश को अंजाम दिया।ये सभी भाजपा की मानसिकता से प्रभावित हैं।इन तीनों की नियुक्ति भी कॉंन्ट्रेक्ट के द्वारा हैं जो की 56 दिन के बाद समाप्त हो जाता हैं लेकिन पिछले नौ साल से अवैध रूप से इनका कॉंन्ट्रेक्ट रिन्यु किया जाता रहा हैं ये भी जॉंच का विषय हैं।जबकि अन्य प्रोफ़ेसरों को 6 माह मतलब 180 दिनों के कॉन्ट्रैक्ट में रखा जाता हैं।ये सारा खेल भाजपा के नेताओं के इशारे पर खेला जा रहा हैं इस विश्वविद्यालय में छात्रो पर आरोप लगाकर एक दुसरे को निपटाने की राजनीति चरम पर हैं।एचओडी प्रीति सिंह द्वारा अच्छा कार्य किया जा रहा हैं ।छात्रों के ईवेन्ट छात्र ही कलेक्शन करके आयोजित करते हैं जिससे डीएवीवी के स्टॉफ को आर्थिक लाभ नही मिलता हैं इस वजह से छात्रों को फँसाया गया जो ईवेन्ट में सक्रिय रहते थे।साल में लगभग 3 से 4 लाख आपसी सहयोग से छात्र खर्च करते हैं।
  इस सारे खेल में छात्रों का इस्तेमाल करके आम्बेडकर यूनिवर्सिटी महू की कुलपति के पति आर.के. शुक्ला को एचओडी बनाने की साज़िश की हैं।जबकि आर.के.शुक्ला की पीएचडी संदेहास्पद हैं।ऐसा सूत्र बताते हैं।इसकी भी जॉंच ज़रूरी हैं।छात्रों को फँसाने वाले शैलेंद्र मिश्रा को पूर्व में भी दुर्व्यवहार के कारण हटाया था लेकिन भाजपा के दबाव में वापस लिया गया।अनुशासन समिति की जॉंच भी संदेह के घेरे में हैं क्योंकि न शिकायतकर्ता का पता हैं न ही सीसीटीवी फ़ुटेज के पते हैं।छात्रों से दबाव बनाकर बिना गलती के माफी नामे लिखाये गये हैं।
पूर्व में भी इन पॉंचो ने साज़िश रचकर इसी तरह से एक काश्मीरी प्रोफ़ेसर रशीद खान को चरित्र सम्बंधित आरोप लगाकर स्कूल ऑफ़ कॉमर्स से निकलाया था।आज ये काश्मीरी प्रोफ़ेसर प्रेस्टीज कॉंलेज का ज़िम्मेदार प्रोफ़ेसर हैं।इससे साबित होता हैं की ये पॉंचो अपने आर्थिक हितों के लिए अब छात्रों का भविष्य भी दॉंव पर लगाकर विश्वविद्यालय का माहौल ख़राब कर रहे हैं।इन पॉंचो की सेवाएँ समाप्त की जाना चाहिए।जिससे की सबक़ मिले।ये पॉंचो छात्र बलविंदर रूपाना,रोशन वैघ,यश डाबरे,विक्रम डॉंगी,अंकुश सागोरे निर्दोष हैं।
  इस संदर्भ में निर्दोष छात्रों का अपमान करके मानव अधिकारों का हनन अनुशासन कमेटी ने किया हैं।इनके ख़िलाफ़ राज्य मानव अधिकार आयोग में शिकायत दर्ज की गयी हैं एंव पॉंच छात्रों के सीसीटीवी फ़ुटेज एंव शिकायतकर्ता नहीं होने के बाद भी साज़िश के अन्तर्गत फँसाया गया हैं।जिससे इनके परिवारों का भी अपमान हुआ हैं।इस संदर्भ में पुलिस में भी डीएवीवी के पॉंचो ज़िम्मेदार एंव अनुशासन कमेटी के ख़िलाफ़ उचित कार्यवाही हेतु शिकायत दर्ज करायी गयी हैं।फ़र्ज़ी आरोपो से आहत छात्र अगर आत्मघाती कदम उठा लेते तो कौन ज़िम्मेदार होता।
  सारे मामले में निष्पक्ष जॉंच करके दोषी डीएवीवी के प्रोफ़ेसरों एंव डीएवीवी के कर्मचारियों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्यवाही के लिए कुलपति,राज्यपाल एंव मुख्यमंत्री जी को समस्त जानकारी दस्तावेज़ों सहित दी गई हैं।
सादरप्रकाशनार्थ


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