राजगढ़(धार)। राजगढ़ जैन समाज ने पर्युषण पर्व के अंतर्गत क्षमापना पर्व को औपचारिकता से बाहर निकाल कर व्यवहारिक धरातल देने के लिए अनूठी पहल की है। समाज के सूचना विभाग ने समाज बंधुओं से अनुरोध किया है कि उन्होंने यदि किसी ऐसे व्यक्ति से क्षमापना पर्व के दिन "मिच्छामि दुक्कड़म" कह कर क्षमा माँगी है जिससे उनकी बोलचाल लंबे समय से बंद रही है, तो वे अपना फोटो व जानकारी उन्हें भेजें। जैन समाज का सूचना विभाग उसे वाट्सएप ग्रुप में प्रसारित कर उनका अभिनंदन करेगा ताकि अन्य लोगों को इससे प्रेरणा मिल सके और क्षमापना पर्व की सार्थकता सिध्द होने के साथ समाजजनों में परस्पर प्रेम व सौहार्द्र का वातावरण बन सके। 1000 से ज्यादा समाज जनों को हर कार्यक्रम की जानकारी व्हाट्सएप्प के माध्यम दी जाती है। जिसे समाज के 3 लोग संभालते है।