सरदारपुर धार में वन्यजीव संरक्षण एवं वन्यजीव अपराध नियंत्रण पर दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित हुई। वनकर्मियों को Wildlife Crime Control, Wildlife Protection, Law Enforcement और Investigation का प्रशिक्षण दिया गया।
सरदारपुर/धार । मध्य प्रदेश शासन वन विभाग के वनमण्डल धार द्वारा वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन ट्रस्ट (WCT) के सहयोग से उप वनमण्डल सरदारपुर में वन्यजीव संरक्षण एवं वन्यजीव अपराध नियंत्रण विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला 10 और 11 अगस्त 2026 को आयोजित हुई, जिसमें वन्यजीवों के संरक्षण, Wildlife Crime Control और वन्यजीव अपराधों की प्रभावी रोकथाम पर प्रशिक्षण दिया गया।
यह प्रशिक्षण कार्यशाला वनमण्डलाधिकारी धार विजयानंथम् टी.आर. एवं उप वनमण्डलाधिकारी सरदारपुर सरिता ठाकुर के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। कार्यशाला का उद्देश्य मैदानी वन अमले की क्षमता बढ़ाने के साथ वन्यजीव अपराधों की पहचान, जांच और प्रभावी कानूनी कार्रवाई के लिए आवश्यक तकनीकी एवं व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराना रहा।
वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन ट्रस्ट के वरिष्ठ प्रशिक्षक संजय ठाकुर ने मुख्य प्रशिक्षक के रूप में वनकर्मियों को प्रशिक्षण दिया। उन्होंने Wildlife Crime Investigation, Wildlife Law Enforcement, साक्ष्यों के वैज्ञानिक संकलन, अपराध की जांच प्रक्रिया, गश्त तकनीक तथा वन्यजीव कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी।
प्रशिक्षण के दौरान वन्यजीव अपराधों की रोकथाम और वन्यजीव तस्करी तथा अवैध शिकार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। वनकर्मियों को मैदानी स्तर पर संदिग्ध गतिविधियों की पहचान, साक्ष्यों को सुरक्षित रखने तथा कानून के अनुरूप कार्रवाई करने के व्यावहारिक पहलुओं से अवगत कराया गया।
कार्यशाला में सरदारपुर,कुक्षी,बाघ और टांडा परिक्षेत्रों के परिक्षेत्र अधिकारियों सहित लगभग 40 वन स्टाफ सदस्यों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के माध्यम से वन अमले को आधुनिक तकनीकों, वन्यजीव संरक्षण की प्रक्रियाओं तथा संबंधित कानूनों के प्रभावी उपयोग के बारे में जानकारी दी गई।
कार्यशाला में वन्यजीवों के साथ उनके प्राकृतिक आवासों के संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों और प्रशिक्षकों ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण केवल वन्यजीवों की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके प्राकृतिक आवास और पारिस्थितिक संतुलन को सुरक्षित रखना भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है।
वन्यजीव तस्करी और अवैध शिकार की रोकथाम के लिए प्रभावी Wildlife Crime Prevention तथा मजबूत Law Enforcement को आवश्यक बताया गया। साथ ही वन अमले को लगातार प्रशिक्षण और नई तकनीकों की जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया, जिससे मैदानी स्तर पर वन्यजीव अपराधों से निपटने की क्षमता और अधिक मजबूत हो सके।
कार्यशाला में “आज संरक्षण,कल सुरक्षित भविष्य” के संदेश के साथ प्रकृति और वन्यजीवों के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
कार्यशाला के समापन अवसर पर वन अधिकारियों ने विश्वास जताया कि इस दो दिवसीय प्रशिक्षण से मैदानी वन अमले की कार्यक्षमता और दक्षता में वृद्धि होगी। साथ ही धार जिले में Wildlife Protection, Wildlife Crime Control और वन्यजीव अपराधों की रोकथाम एवं नियंत्रण के प्रयासों को और मजबूती मिलेगी।


