मांगोद में लगा अमझेरा की ऐतिहासिक पहचान वाला प्रवेश द्वार,एमपीआरडीसी ने धार्मिक विरासत और इतिहास को दी नई पहचान






 

  धार जिले के मांगोद में अब प्रवेश करते ही यात्रियों का स्वागत अमझेरा की गौरवशाली सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत से होगा। मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) ने इंदौर-अहमदाबाद रोड से अमझेरा-मनावर मार्ग पर एक नया प्रवेश द्वार स्थापित किया है, जिसमें क्षेत्र की धार्मिक आस्था,द्वापरकालीन पहचान और स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास को विशेष स्थान दिया गया है।

  यह पहल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप तथा मां अमका झमका विकास समिति के संरक्षक कमल यादव द्वारा दिए गए मांग पत्र के बाद साकार हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह प्रवेश द्वार क्षेत्र की पहचान को नई मजबूती देने वाला महत्वपूर्ण कदम है।

 मां अमका झमका मंदिर और द्वापरकालीन पहचान को मिला स्थान

 प्रवेश द्वार पर अमझेरा क्षेत्र की द्वापरकालीन पहचान को दर्शाते हुए श्रीकृष्ण-रुक्मिणी वरण स्थली मां अमका झमका मंदिर का उल्लेख किया गया है। इससे क्षेत्र की धार्मिक परंपरा और आस्था को सम्मानपूर्वक प्रस्तुत किया गया है, जिससे यहां आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक इस विरासत से परिचित हो सकेंगे।

महाराणा बख्तावर सिंह को श्रद्धांजलि

  प्रवेश द्वार पर वर्ष 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के अमर बलिदानी महाराणा बख्तावर सिंह की जन्मस्थली का उल्लेख भी प्रमुखता से किया गया है। इससे उनके अदम्य साहस, वीरता और बलिदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।

  स्थानीय नागरिकों का मानना है कि इस प्रकार के ऐतिहासिक संदर्भ क्षेत्र के गौरवशाली अतीत को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

यात्रियों को मिलेगी प्रमुख शहरों की दूरी की जानकारी

  इस नए संकेतक बोर्ड पर मनावर,कुक्षी,झाबुआ सहित अन्य प्रमुख शहरों की दूरी भी स्पष्ट रूप से अंकित की गई है। इससे वाहन चालकों, यात्रियों और आमजन को मार्ग संबंधी सटीक किलोमीटर की जानकारी आसानी से मिल सकेगी, जिससे यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी।

क्षेत्रवासियों ने जताया आभार

   क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल एक प्रवेश द्वार नहीं,बल्कि अमझेरा की सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान का प्रतीक बन गया है। उनका कहना है कि इस पहल से स्थानीय इतिहास को संरक्षित करने के साथ-साथ बाहरी लोगों को भी क्षेत्र की समृद्ध विरासत की जानकारी मिलेगी।



 प्रमुख बिंदु

* मांगोद में एमपीआरडीसी ने नया प्रवेश द्वार स्थापित किया।

* मां अमका झमका मंदिर की धार्मिक पहचान को स्थान मिला।

* महाराणा बख्तावर सिंह की जन्मस्थली का उल्लेख किया गया।

* मनावर, कुक्षी और झाबुआ सहित प्रमुख शहरों की दूरी दर्शाई गई।

* स्थानीय नागरिकों ने मुख्यमंत्री और एमपीआरडीसी की पहल की सराहना की।