अमझेरा में गूंजेगी श्रीकृष्ण की बांसुरी,दो दिन तक सजेगा कृष्ण लीला और रुक्मिणी विवाह का भव्य मंच

जनसंपर्क कार्यालय द्वारा जारी श्रीकृष्ण पर्व 2026 का आधिकारिक पोस्टर।





 


 धार । भगवान श्रीकृष्ण की सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और भक्ति के अद्भुत संगम का साक्षी बनने जा रहा धार जिले का ऐतिहासिक नगर अमझेरा। मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग के अंतर्गत श्रीकृष्ण पाथेय न्यास द्वारा जिला प्रशासन धार के सहयोग से 3 और 4 सितंबर 2026 को यहां दो दिवसीय श्रीकृष्ण पर्व का आयोजन किया जाएगा। दोनों दिनों तक शाम 7 बजे से थाना परिसर के पीछे सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी और प्रवेश सभी के लिए नि:शुल्क रहेगा।

 राज्यभर में आयोजित किए जा रहे इस विशेष आयोजन का उद्देश्य भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, उनके आदर्शों और प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाना है। आयोजन में नृत्य, संगीत और अभिनय के माध्यम से श्रीकृष्ण के जीवन के महत्वपूर्ण प्रसंगों को मंच पर जीवंत किया जाएगा।

अमझेरा क्यों है श्रीकृष्ण कथा से जुड़ा विशेष स्थल?

 संस्कृति विभाग के अनुसार अमझेरा को भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी वरण से जुड़े महत्वपूर्ण पौराणिक प्रसंग का साक्षी माना जाता है। लोक मान्यताओं के अनुसार जब रुक्मिणी का विवाह शिशुपाल से तय हुआ, तब श्रीकृष्ण उन्हें यहां से अपने साथ लेकर द्वारका की ओर रवाना हुए थे।

 कहा जाता है कि रुक्मिणी के भाई रुक्मी ने श्रीकृष्ण का पीछा किया और दोनों के बीच युद्ध हुआ, जिसमें श्रीकृष्ण विजयी हुए। यही कारण है कि अमझेरा को प्रेम, साहस और पराक्रम की उस ऐतिहासिक कथा-भूमि के रूप में देखा जाता है, जहां लोकविश्वास और सांस्कृतिक स्मृतियां आज भी जीवंत हैं।

 नगर के प्राचीन मंदिर, ऐतिहासिक तालाब, छतरियां, कुएं और किला इस क्षेत्र की समृद्ध विरासत की कहानी को आज भी संजोए हुए हैं।

पहले दिन सजेगा कृष्ण लीला और भक्ति संगीत का रंगमंच

 3 सितंबर को श्रीकृष्ण पर्व का पहला दिन भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनकी दिव्य लीलाओं को समर्पित रहेगा।

 भोपाल के श्री हर्षित शर्मा एवं उनकी टीम द्वारा श्रीकृष्ण लीला पर आधारित नृत्य नाटिका प्रस्तुत की जाएगी, जिसमें कृष्ण के बाल स्वरूप से लेकर उनके विभिन्न प्रेरणादायक प्रसंगों को संगीत, नृत्य और अभिनय के माध्यम से दर्शाया जाएगा।

 इसके बाद उज्जैन के प्रसिद्ध शर्मा बंधु एवं उनकी टीम की भक्ति गायन प्रस्तुति वातावरण को कृष्ण भक्ति के मधुर सुरों से सराबोर करेगी। लोक और शास्त्रीय संगीत की यह प्रस्तुति दर्शकों को भक्तिरस का विशेष अनुभव कराएगी।

दूसरे दिन होगा रुक्मिणी वरण और कृष्ण-रुक्मिणी विवाह का मंचन

  4 सितंबर की सांस्कृतिक संध्या श्रीकृष्ण और रुक्मिणी के पौराणिक विवाह प्रसंग को समर्पित रहेगी।

 भोपाल की सुश्री दुर्गा मिश्रा एवं उनकी टीम रुक्मिणी वरण एवं विवाह पर आधारित नृत्य नाटिका प्रस्तुत करेगी, जिसमें प्रेम, साहस और अपने निर्णय पर अडिग रहने के संदेश को कलात्मक रूप में मंचित किया जाएगा।

 कार्यक्रम के समापन अवसर पर इंदौर की सुश्री आकृति सोनी एवं उनकी टीम की भक्ति गायन प्रस्तुति इस सांस्कृतिक पर्व को मधुर भजनों और कृष्ण भक्ति के सुरों से पूर्ण करेगी।

संस्कृति विभाग का उद्देश्य

 संस्कृति विभाग के अधिकारियों के अनुसार श्रीकृष्ण पर्व केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि प्रदेश की लोक परंपराओं, पौराणिक धरोहर और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में आयोजित हो रहे इस पर्व के माध्यम से स्थानीय ऐतिहासिक स्थलों और उनसे जुड़ी मान्यताओं को भी नई पहचान देने की पहल की जा रही है।

कार्यक्रम एक नजर में

विवरण

जानकारी

आयोजन

श्रीकृष्ण पर्व 2026

स्थान

थाना परिसर के पीछे, अमझेरा, जिला धार

तिथि

3 एवं 4 सितंबर 2026

समय

शाम 7 बजे से

प्रवेश

नि:शुल्क

3 सितंबर

  • श्री हर्षित शर्मा एवं साथी (भोपाल) – श्रीकृष्ण लीला नृत्य नाटिका

  • शर्मा बंधु एवं साथी (उज्जैन) – भक्ति गायन

4 सितंबर

  • सुश्री दुर्गा मिश्रा एवं साथी (भोपाल) – रुक्मिणी वरण एवं विवाह नृत्य नाटिका

  • सुश्री आकृति सोनी एवं साथी (इंदौर) – भक्ति गायन